चमेली का फूल सफ़ेद रंग का और एक अच्छी खुसबू देने वाला पौधा है इसके बहुत से औषदीय दूँ हैं जिससे बहुत से लोग अनजान है जिसमे एक आप भी हो सकते हैं तो आइये चमेली के गुणों को जानें और अपने जीवन में प्रयोग करें।
पेशाब के कई रोगों को दूर करने के लिए चमेली के पत्तों को पीसकर पीना चाहिए।
किसी भी प्रकार के त्वचा रोगों को ठीक करने के लिए चमेली के पत्तों का लेप करें।
बहुत के मुंह के छाले से परेशान हैं इसे जड़ से समाप्त करने के लिए चमेली के पत्ते को मुंह में रख कर चबाना चाहिए।
दांतों के मसूड़ों में दर्द होने पर चमेली के पत्तों का काढ़ा पनकर कुल्ला करते रहने से मसूड़े ठीक हो जाते हैं।
चेचक एक संक्रामक रोग है चेचक के दानों को समप्त करने के लिए चमेली के 15 फूल लेकर दानों पर लेप करें।
बहुत से लोग दांतों के दर्द से परेशान रहते हैं चमेली के पत्तों को चबाने से दांतों का दर्द ठीक हो जाता है।
तिल के तेल और चमेली के पत्ते का रस बराबर मात्रा में लेकर आग पर रख दे अब इसे तबतक गर्म करें जब तक उसका सारा पानी न निकल जाए इसमें बचे हुए तेल को गुदा पर रोज 3 बार लगाएं खूनी बवासीर ठीक हो जाएगा।
अगर किसी के आँखों में दर्द हो रहा कई है तो चमेली के फूल को पीसकर इसका लेप आँखों को बंद कर कर लगाने से आँखों का दर्द दूर हो जाता है।
पेट के कीड़े को मारने के लिए चमेली के 10 ग्राम पत्तों को पीसकर पीना चाहिए।
कुष्ठ रोग जिसे कोढ़ भी कहते हैं चमेली की जड़ का काढ़ा बनकर पीने से कोढ़ बिलकुल ठीक हो जाता है।

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