• हमारी शारीरिक कार्यप्रणाली में किसी भी तरह का बदलाव देखते ही हमें पता चल जाता है कि हमारे फला अंग में किसी तरह की समस्या है। जैसेसांस लेने की दिक्कत होने पर हम समझ जाते हैं हमारा फेफड़ा ठीक नहि हैं। इसी तरह छाती में दर्द से पता चल जाता है कि दिल में कुछ तो गड़बड़ है लेकिन क्या हमारे किडनी के साथ भी यही स्थिति है?  किडनी इंसान के शरीर के मुख्य अंगों में से एक होती है।
  • यह शरीर से वेस्ट को बाहर निकालने के अलावा भी बहुत महत्वपूर्ण कार्य करती है। किडनी की बीमारी खतरनाक है, लेकिन इसकी सबसे खतरनाक बात यह है कि यह दबे पांव शरीर पर हमला करती है। अधिकांश मामलों में मरीज को जब पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता है। सवाल यह है कि किसी व्यक्ति को कब अपनी किडनी की चिंता करनी चाहिए? डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए? हर व्यक्ति के शरीर में किडनी का जोड़ा होता है, जो मुख्य रूप से पेट के पिछले हिस्से में मौजूद होता है। ये किडनी रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ स्थित होती हैं। जो मुट्ठी के बराबर होता है. हृदय के द्वारा पम्प किए गए रक्त का 20 प्रतिशत किडनी में जाता है, जहां यह रक्त साफ होकर वापस शरीर में चला जाता है. इसके अलावा किडनी का कार्य खून को साफ करना और शरीर से विषाक्त पदार्थ  को बाहर निकलना भी होता  है। लेकिन, जब किडनी इस कार्य कर नहीं पाती है, तो उस स्थिति को किडनी का खराब होना कहा जाता है। आपको बता दे की पता ही नहि चल पाता की किडनी ख़राब हैं या नहीं।
  • किडनी की खराबी के कुछ आम लक्षण हैं, लेकिन एक भी किडनी स्वस्थ्य हो तो शरीर की बाकी क्रियाएं चलती रहती हैं। यही कारण है कि जब तक दोनों किडनी पूरी तरह काम करना बंद नहीं कर देती हैं, मरीज को पता नहीं चलता है। यानी एक किडनी खराब हो तो भी काम चलता रहता है, लेकिन जिस पल दूसरी किडनी भी काम करना बंद कर देती है, जीवन रुक जाता है।
  • अधिक जानकारी के लिए ऊपर विडीओ देखें  ।
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