आयुर्वेद

कई बीमारियों से रक्षा करता है शिव जी का यह प्रिय फूल धतूरा

dhatura

वैसे तो धतुरा एक प्रकार का जहर होता लेकिन शायद आपको पता नहीं है कि इसका प्रयोग औषधिओं को बनाने में भी किया जाता है| यह पौधा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है इसीलिए धतूरे के फूल, फल, और पत्ते को भगवान शिव को चढ़ाया जाता है.

  • धतूरे को अगर जलाए तो इससे निकलने वाले धुंए से दमा जैसी जानलेवा बीमारी को ठीक किया जा सकता है.
  • परों के गठिया रोग और हड्डीओं में किसी प्रकार के दर्द पर धतूरे की पत्तिओं को पीसकर लगाने से सूजन और दर्द कम हो जाता है.
  • धतूरे के पत्ते को सेक कर बवासीर और भगंदर पर बांधने से लाभ होता है.
  • धतूरे के रस को रोजाना गंजे सिर पर लगाने से बालों के दोबारा उगने की सम्भावना बढ़ जाती है.
  • यदि किसी को मिर्गी आती है तो उसे धतूरे का जड़ सूंघने से मिर्गी आना बंद हो जाता है

ध्यान दें : धतूरा एक जहर होता है इसके प्रयोग से पहले किसी आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें

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