छुहारा का पेड़ होता है जिसपर फल लगते हैं , खजूर और छुहारा, दोनों ही पाम जाति के एक ही पेड़ से प्राप्त होते हैं। खजूर के पेड़ रेगिस्तानी इलाकों में पाए जाते हैं। यह बहुत लम्बे होते है। इनका एक ही तना होता है जिस पर बढ़ कर पत्तियां निकलती हैं। खजूर के पेड़ में डालियाँ नहीं होती। जैसे अंगूर का सूखा हुआ रूप किशमिश और मुनक्का होता है उसी तरह खजूर का सूखा हुआ रूप छुहारा होता है। पौष्टिकता से भरपूर छुहारा गर्म तासीर है इसलिए इसकी उपयोगिता सर्दियों में बढ़ जाती है। वैसे इसका सेवन सालभर किया जा सकता है। छुहारा और खजूर एक ही पेड़ से उत्पन्न होते हैं। दोनों की तासीर गर्म होती है और दोनों शरीर को मजबूत बनाने में विशेष भूमिका निभाते हैं। गर्म तासीर होने के कारण ही सर्दियों में तो इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है। आइए, जानें छुहारे के अनूठे फायदे।

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कई बार हमें बहुत ज़्यादा कमजोरी लगने लगती है, ऐसे में खजूर खाने से आपके शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। यह उन लोगो के लिए तो बहुत ही अच्छा है जिन्हें बार बार मीठा खाने की इच्छा होती है। क्योंकि खजूर फास्ट फूड की तरह अनहेल्थी भी नहीं होते हैं।

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भूख बढ़ाने के लिए छुहारे का गूदा निकाल कर दूध में पकाएं। उसे थोड़ी देर पकने के बाद ठंडा करके पीस लें। यह दूध बहुत पौष्टिक होता है। इससे भूख बढ़ती है और खाना भी पच जाता है।

छुहारे स्वास रोग मे बहूत ही फायदेयंद है क्योकि यह छाती और फेफड़ो को ताकत देने मे मदद करता है। अगर हमारे फेफड़े मजबूत होते हैं तो हमें सांस के रोग कम से कम लगते हैं। और अगर पहले किसी को सांस के रोग है और वह छुहारे का सेवन करते हैं।

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