लिवर हमारे शरीर का एक मुख्य आंतरिक अंग होता है, जो शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि और दूसरा सबसे बड़ा अंग होता है। लिवर पित्त का निर्माण करता है, जो वसा के टूटने में मदद करता है। यह रक्त के डिटाक्सिफिकैशन में भी मदद करता है। आजकल लोग अपनी फास्‍ट लाइफस्‍टाइल में खान पान का विशेष ध्‍यान नहीं रख पाते हैं और ऐसे लोगों की फैटी लिवर की बीमारी से पीडि़त होने की संभावना सबसे अधिक होती है। इस शोध के मुताबिक जिन लोगों में फैटी लिवर की समस्या होती है उनमें डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

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मोटापा भी फैटी लिवर विकसित होने का खतरा पैदा करता है। शरीर में फैट प्रोटीन का उच्च स्तर भी चिंता का कारण हो सकता है। इसके अलावा मधुमेह से पीड़ित लोगों और उच्च कोलेस्ट्रॉल वालो को भी फैटी लिवर होने का खतरा अधिक हो सकता है।

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त्वचा और आंखों में पीलापन दिखाई देना भी फैटी लिवर का लक्षण हो सकता है। लिवर के रोगों को पहचानने के लिए समय-समय पर त्वचा और आंखों की जांच करवाते रहें।

सुबह जल्दी उठकर 3 से 4 गिलास पानी का सेवन जरूर करें तथा इसके बाद पार्क में टहलने के लिए जाएं ऐसा करने से कुछ ही दिनों में इस बीमारी से निजात पाया जा सकता है।

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