अर्थराइटिस संधि शोथ यानि जोड़ों में दर्द के रोग, इसे गठिया  भी कहते है, यह एक दर्द भरी बीमारी है ज्यादातर यह बीमारी अधिक कम उम्र के लोगों बजुर्गो को अपना शिकार बनाती है, युवा भी इसका शिकार हो जाते है। अर्थराइटिस सौ से भी अधिक तरह के होते हैं। अस्थिगठिया इनमें सबसे मुख्य है। अन्य अर्थराइटिस रोग हैं, आमवातिक गठिया या रुमेटी गठिया, सोरियासिस गठिया। मेडिकल साइंस की भाषा में इस बीमारी को स्व-प्रतिरक्षित रोग कहा जाता है। अर्थराइटिस  में तीव्र दर्द, अकड़न और जोड़ों में सूजन के साथ नाड़ी की गति तीव्र, और ज्वर हो सकता है।

  • भोजन करने से पहले 100 ml आलू का जूस पीना गठिया में आराम देता है।
  • गठिया से छुटकारा पाने के लिए विटामिन सी, कैल्शियम और जिंक प्रयाप्त मात्रा में ले।
  • सुबह 3-4 कच्चे लहसुन की कलिया खाने से संधि शोथ के दर्द और सूजन को कम करने में मदद मिलती है।
  • जैतून का तेल बहुत ही लाभकारी होता है, जैतून के तैल  से मालिश करने  से गठिया में अपेक्षित लाभ होता है।
  • गठिया सूजन और दर्द से छुटकारा पाने के लिए सरसों के तेल के साथ मालिश करना बहुत ही अच्छा होता है।
  • रात को सोने से पहले मेथी के बीजों को पानी में भिगो कर रख दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें जोड़ों के दर्द और गठिया में आराम मिलेगा।
  • नींबू और संतरे का रस शरीर में यूरिक एसिड को कम करता है। रोजाना दो नींबू एक गिलास पानी में निचोड़ कर पिए। इसके इलावा एक गिलास संतरे का जूस पिए, लाभ होगा।
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