यदि किसी के सुनने को शक्ति कम हो जाए तो उसे बहरापन कहते है बहरेपन की वजह से सुनने की शक्ति तो कम होती है साथ में उसकी मानसिक और सामाजिक परेशानियां भी बढ़ जाती है कान हमें केवल सुनने में सहायता नहीं करता बल्कि हरे शरीर का संतुलन भी बनाए रखे में मदद करता है कान का बहरापन कान में पानी जाने, फुंसी होने, कान कुरेदने, चोट लगने आदि से हो सकता है इसके अलावा कान या सिर पर ठंड लगने से भी कान के रोग हो सकता है

कुछ तुलसी के पत्ते में सरसों का तेल मिलाकर गर्म करें और ठंडा दो जाने पर कान में डाले

गाय के दूध में एक चुटकी हीरा हींग डाल कर अच्छे से मिला ले और कान में 2 बार डालें

दालचीनी का तेल कुछ दिन तक कान में डालने से आराम मिलेगा

सूती कपडे को गरम पानी में भिगो कर कान सेकें दर्द में आराम मिलेगा

रोज सवेरे(मौसम के अनुसार) पानी में नींबू निचोड़ कर पिने से कान से मवाद का आना बंद हो जाएगा और सेनने में आसानी होगी

कान में प्याज का रस डालने से कान से मवाद आना बंद हो  जाएगा और कान का बहरापन समाप्त हो जाएगा इसे 2-3 बून्द दिन में 3 बार डालें

एक बड़े चम्मच तिल के तेल में पांच ग्राम मेथी के दाने डालकर गरम कर लें और इस 2 बून्द और 2 बून्द  गाय का दूध काम में डालें

 

 

 

 

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