कान में वैक्‍स का जमना एक प्राकृतिक तरीका है शरीर को बचाने का। यह कानों की नली में आने वाली गंदगी और बैक्‍टीरिया को बढ़ने से रोकता है। जब कान का मैल कठोर हो जाता है तो कान में दर्द होने लगता है। ऐसे में आप किसी रूई या तीली की सहायता से इसको बाहर निकालने का प्रयास करने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। इसका वैज्ञानिक नाम है सेरुमेन, ये हमारे कान की नली के बाहरी हिस्से में बनता है। वहां पर हज़ारों ग्रंथियां होती हैं। इनसे निकलने वाला तेल हमारे कानों को तैलीय रखता है। वहां पर कुछ पसीने की ग्रंथियां भी होती हैं।

kaan

एक चम्मच नमक और आधे कप पानी को मिलाकर हल्का गरम करें। अब थोड़ा ठंडा होने पर इसे कान में रुई की सहायता से बूँदबूँद करके डालें। अब पानी बाहर निकाल दें। इस उपाय से कान की गंदगी पानी के साथ बाहर आ जाएगी और कान का दर्द भी समाप्त हो जाएगा।
kaan

नीम के पत्तों की भाप कान में लेने से कान का मैल बाहर निकल जाता है और कान बिल्कुल साफ हो जाता है।

प्याज को भाप में पकाकर या भूनकर इसका रस निकाल लें। अब प्याज के रस को ड्रॉपर या रूई की सहायता से कुछ बूंद कान के अंदर डालें। इससे कान का मैल आसानी से बाहर आ जाएगा।

error: Content is protected !!