घरेलू उपचार

बिना पैसों के मिलने वाली ये चीज शुगर की समस्या को कर देगी खत्म, जानिए कैसे करें उपयोग

मधुमेह

मधुमेह

डायबीटीज ऐसी बीमारी है जिसका अगर सही उपचार या उससे जुड़ी अन्य बातों का ध्यान न रखा जाए तो व्यक्ति के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। हमारी बिगड़ती जीवनशैली के कारण हमारा शरीर कई बीमारियों का घर बन गया है। इन्हीं बीमारियों में से एक है डाइबिटीज़ यानी मधुमेह। डाइबिटीज़ भले ही एक सामान्य बीमारी हो, लेकिन एक बार किसी को हो जाए, तो ज़िंदगीभर उसका साथ नहीं छोड़ती। डायबिटीज अब उम्र, देश व परिस्थिति की सीमाओं को लांघ चुका है। इसके मरीजों का तेजी से बढ़ता आंकड़ा दुनियाभर में चिंता का विषय बन चुका है। अनियमित दिनचर्या और खान-पान के कारण लोग डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं। डायबिटीज के मरीज को सिरदर्द, थकान जैसी समस्याएं हमेशा बनी रहती हैं। डायबिटीज में खून में शुगर की मात्रा बढ जाती है। वैसे इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है। परंतु जीवनशैली में बदलाव, शिक्षा तथा खान-पान की आदतों में सुधार द्वारा रोग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। डायबिटीज के मरीज को अपने डाइट प्लान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। डायबिटीज को नियंत्रण करने के कई तरीके हैं। आइए हम मधुमेह रोगियों के लिए कुछ घरेलू उपाय बताते हैं।

तुलसी के पत्तों में एन्टीऑक्‍सीडेंट व बाकी जरूरी तत्व मौजूद होते हैं, जिनसे इजिनॉल, मेथिल इजिनॉल और कैरियोफ़ैलिन बनते हैं। ये सारे तत्व मिलकर इन्सुलिन जमा करने वाली और छोड़ने वाली कोशिकाओं को ठीक से काम करने में मदद करते हैं। डायाबीटीज के स्तर को कम करने के लिए रोज दो से तीन तुलसी के पत्ते खाली पेट लें। आप इसका जूस भी ले सकते हैं।

सुबह उठकर खाली पेट नीम के पत्ती खाने से डायबिटीज नियंत्रण में रहता है

नीम प्राकृतिक रूप से कड़वा और कसैला होता है।

एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि नीम में हाईपोग्लाइसेमिक गुण पाए जाते हैं। ये रक्त में पाए जाने वाले शुगर के कणों को घटाकर मधुमेह की सम्भावनाओं को कम करते हैं।

इसके अतिरिक्त नीम मधुमेह के कारण होने वाले तनाव को भी कम करने की क्षमता रखता है।
इसलिए अगर आप चाहें तो नीम के पके हुए फल को भी खा सकते हैं

मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में बार-बार भूख महसूस होती है। इस स्थिति में खीरा खाकर भूख मिटाना चाहिए।

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