Thyoride

अमेरिकी थाइरॉइड एसोसिएशन के मुताबिक अनुमानित तौर पर 20 मिलियन लोगों में थाइरॉइड की बीमारी होती है, जिनमें से 1% में हाइपोथायरॉडीज्म की बीमारी होने की आशंका रहती है। थाइरॉइड थाइरॉइड के स्तरों में असंतुलन के कारण व्यक्ति थाइरॉइड की समस्या से पीड़ित हो जाता है। थायरॉइड रोग का एक कारण ऑटोइम्यून डिसॉर्डर भी है जिसमें शरीर में मौजूद एंटीबॉडी खुद ही थायरॉयड ग्रंथियों पर हमला कर देती हैं जिसके परिणामस्वरूप ऑटोइम्यून थिओरोडिटिस थायरॉइड ग्रंथि को नष्ट करती है। इस रोग में बहुत परेशानी होती है, वजन का एकदम से घटना या बढ़ाना,थकावट के अलावा और भी बहुत से लक्षणों से इसे पहचाना जा सकता है। थाइराइड के लक्षण को अगर शुरुआत में ही पहचान लिया जाए तो बढ़ रही परेशानी को समय पर कंट्रोल किया जा सकता है।

इस बीमारी में धनिये का पानी पी सकते हैं। धनिये के पानी को बनाने के लिए शाम को तांबे के बर्तन में पानी लेकर उसमें 1 से 2 चम्मच धनिये को भिगो दें और सुबह इसे अच्छी तरह से मसल कर छान कर धीरे-धीरे पीने से फायदा होगा।

रात को सोने से पहले मध्यम आकार के लाल प्याज को लेकर दो हिस्सों में काट लें। इन कटे हुए हिस्सों को गर्दन में थाइराइड ग्लैंड के आसपास रगड़ें। इसे रात भर ऐसे ही रहने दें। रोजाना लगातार इसका इस्तेमाल करने से आराम मिलेगा।

खाने में दालचीनी, अदरक, लहसुन, सफेद प्याज, थाइम और स्ट्रॉबेरी की पत्तियों का प्रयोग बढ़ा देना चाहिए। इन रोगियों को खाना पकाने के लिए नारियल तेल का प्रयोग करना चाहिए।

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