साबूदाना ऐसा नाम है जिससे हम वाकिब है जब भी व्रत करते है तो साबूदाना से बनी हुई कई चीजो का इस्तेमाल करते है। जैसै खिचडी खीर पापड आदी। साथ इससे कई अन्य पकवान भी बनाए जा सकते है। साबूदाना कसावा पौधे से उत्पन्न एक स्वादिष्ट स्टार्च है। कसावा पौधे का उपयोगी हिस्सा जड़ होती है। इस पौधे की खेती अब दुनिया भर में की जाती है। इस पौधे की खेती सबसे पहले दक्षिण अमरीका में की गई थी। उत्तर-पूर्व ब्राजील में इसे केवल कसावा के रूप में जाना जाता है। एक शोध के अनुसार साबूदाना आपको तरोताजा रखने में मदद करता है, और इसे चावल के साथ प्रयोग किए जाने पर यह शरीर में बढ़ने वाली गर्मी को कम कर देता है।

साबूदाना शरीर में बल्ड सर्कुलेशन को सही रखता है। इसके नियमित सेवन से बल्ड प्रेशर से होनें वाली बिमारी से बचा जा सकता है। ये हमारे ह्दय की दमनियों में जमे हुए प्लाक को कम करता है। जिससे हमें दिल की बिमारी होनें के खतरे बहुत कम हो जाते है।

प्रोटीन मानव स्वास्थ्य के लिए एक अनिवार्य तत्व है, जबकि कई लोग मीट, मछली, मुर्गी और डेयरी उत्पादों से प्रोटीन प्राप्त करते हैं। लेकिन अन्य स्रोतों के बीच, शाकाहारी हमेशा स्वस्थ और प्रोटीन से भरपूर रहने के नए तरीके तलाश रहे हैं। जैसा कि आप शायद जानते हैं, प्रोटीन एक स्वस्थ जीवन का बिल्डिंग ब्लॉक है।

व्रत के दिनों में अक्सर शरीर में गर्मी पड़ जाती है। ऐसे में साबूदाने की खिचड़ी बनाकर खाने से गर्मी दूर होती है और यह शरीर को तरोताजा भी करता है। इसके आलावा चावल के साथ साबूदाना का कांबिनेशन शरीर की गर्मी को कम करने और ठंडक पहुंचाने में मदद करता है।

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