आहार-व-पोषण

अंगूर में छिपे हैं इन बीमारियों के इलाज

Grapes

अंगूर रस से भरा और मीठा होता है और अपनी इसी कोमलता और मिठास की वजह से इसे लोग चाव से खाते हैं। अंगूर को फलों की रानी भी कहा जाता है। काले अंगूर, बैगनी रंग के अंगूर, लम्बे अंगूर, छोटे अंगूर, बीज रहित अंगूर को सुखाकर किशमिश बनाई जाती है। काले अंगूरों को सुखाकर मुनक्का बनाई जाती है। अंगूर में एंटीऑक्सीडेंट होने के कारन यह शरीर से विषेले पदार्थ को बाहर निकालने में सहायक होता है।

  • मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए भी अंगूर बेहद फायदेमंद है। ये ब्लड में शुगर के लेवल को कम करने करता है और आयरन की मात्रा को बढ़ाता है।
  • अंगूर में रेस्वेराट्रोल नामक एक यौगिक मस्तिष्क को तंदुरुस्त रखता है और रक्त प्रवाह को बढ़ाता है अंगूर मस्तिष्क की पट्टिका और फ्री-रेडिकल्स क्षति से बचाव के साथ मानसिक प्रतिक्रियाओं में सुधार लाने में मददगार है।
  • अंगूर भूख बढ़ाता है बहुत से लोगों भूख न लगने की शिकायत रहती है। तो इसके लिए अंगूर का सेवन करें और तंदुरुस्त रहें।
  • 15 अंगूरों को पानी में भिगोकर सुबह उठकर खाने से पेट की गर्मी ठीक हो जाती है। जिससे मुंह के छाले नहीं होते हैं।
  • माइग्रेन के दर्द से निजात पाने के लिए अंगूर का रस पीना बहुत फायदेमंद होता है। अंगूर के जूस का सेवन कुछ समय तक करना चाहिए।
  • ब्रेस्ट कैंसर में अंगूर का सेवन करना बहुत लाभदायक होता है, साथ ही दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी अंगूर बहुत ही फायदेमंद है।
  • हीमोग्लोबिन कम हो जाने पर अंगूर के एक गिलास जूस में दो चम्मच शहद मिलाकर पीना चाहिए।

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