लौंग की तासीर गर्म होती है। इसलिए सर्दी-जुकाम होने पर लौंग खाएं या इसकी चाय बनाकर पीना फायदेमंद है। लौंग एवं उसका तेल एंटी-ऑक्सीडेंट, कवकरोधी, जीवाणुरोधी, एंटी-वायरल, एंटी-सेप्टिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक जैसे उत्तम गुणों से समृद्ध है। यूनानी चिकित्सा पद्धति के अनुसार लौंग खुश्क, गर्म है। इसको खाने से सिर दर्द होता है। यह पाचनशक्ति को बढ़ाता है। दांतों और मसूढ़ों को मजबूत बनाता है। इसको पीसकर मालिश करने से जहर दूर होता है।

  • लौंग मुहासे, पिम्पल, ब्लैक हेड, दाग धब्बे दूर करता है| इससे इन्फेक्शन भी मिट जाता है. 1 चम्मच नारियल तेल में 1-2 बूँदें लौंग तेल की डालें, इसे कॉटन से दिन में 2 बार चेहरे पर लगायें|
  • दांतों में होने वाले दर्द में लौंग के इस्तेमाल से निजात मिलती है और यही कारण है कि 99 प्रतिशत टूथपेस्ट में होने वाले पदार्थो की लिस्ट में लौंग खासतौर पर शामिल होती है।
  • लौंग और हरड़ को पानी में खूब देर तक उबालकर कवाथ (काढ़ा) बनाकर थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर पिने से अजीर्ण में बहुत फायदा होता है |
  • श्वसन प्रणाली के विकार से राहत पाने के लिए रोजाना दिन में दो से तीन बार लौंग से बनी हुई चाय पियें।
  • आधा ग्राम लौंग का चूर्ण 1 ग्राम शहद के साथ रोज सुबह चाटना चाहिए। थोडे़ ही दिनों में भूख अच्छी तरह लगने लगती है।
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