नागफनी कांटेदार पौधा होता है। इसे वज्रकंटका के नाम से भी जानते हैं। इसे सबसे पहले मैक्सिको में उगाया गया था है और अब यह भारत में कहीं पर भी देखने को मिल जाती है। इससे कुछ विशेष गुण आपको बता रहे हैं।

  • यदि आपकी आंखें लाल हो जाती हैं, तो नागफनी बड़े पत्ते के कांटे साफ करके उसको बीच में से फाड़ लें। इसके गूदे वाले हिस्से को कपडे पर रखकर आँख पर बाँधने से आँख की लाली ठीक हो जाएगी।
  • नागफनी के बहुत से गुण होते हैं लाभदायक माना जाता है। नागफनी के फाइबरयुक्त होने के कारण यह कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रखता है तथा इससे मिलने वाला पोटैशियम रक्तचाप नियंत्रण करता है। इसके अलावा तनाव को भी कम करता है
  • नागफनी सूजन, कब्ज, निमोनिया, गर्भनिरोधक और कई अन्य रोगों के उपचार में भी प्रयोग किया जाता है।
  • नागफनी कैंसर में भी उपयोगी होती है। कैंसर से बचाव के लिए शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स की संख्या को कम रखना ज़रूरी है। नागफनी से कई ऐसे पोषक तत्व मिलते है जो एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर इन रेडिकल्स को कम करता है।
  • श्वास रोग एवं कफ की स्थिति में नागफनी फायदेमंद होता है, तो इसके लिए एक भाग नागफनी रस और तीन भाग अदरक का रस मिलाकर नागफनी।
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